कैद परिंदा।

तोड़ दे परिंदा पिंजरा
पिंजरे में खुद को महफूज न कर
खोल पंख उड़ जा आसमान में 
पिंजरे की परवाह न कर।
🙂।।।।।S.....8।।।।।🙂

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